प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित
पीड़ितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के प्रकरणों में स्वीकृति एवं भुगतान की हुई समीक्षा
अत्याचार की घटनाओं की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने के संबंध में अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों ने किया विचार-विमर्श
हरिद्वार प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने तथा अत्याचार की घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में प्राप्त प्रकरणों में सहायता राशि की स्वीकृति एवं भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए है शासनादेश के अनुसार पीड़ित व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करते समय पीड़ितों के जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आधार सीडेड बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति एवं मोबाइल नंबर प्राप्त कर समाज कल्याण विभाग को प्रेषित किए जाने की कार्यवाही पर चर्चा की गई।
बैठक में जनपद के उन क्षेत्रों को चिह्नित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया, जहां ऐसी घटनाएं अधिक होती हैं। इन क्षेत्रों में घटनाओं की रोकथाम एवं कमी लाने के लिए पुलिस विभाग और समिति के सदस्यों से आवश्यक सुझाव एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त समिति के सदस्यों से अनुरोध किया गया कि यदि उनके संज्ञान में ऐसा कोई प्रकरण आता है, जिसमें अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति के किसी पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है या समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है, तो ऐसे प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में पीड़ितों को समय पर न्याय एवं सहायता उपलब्ध कराने, प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण तथा अत्याचार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करतत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को यह भी निर्देश दिए है कि जो भी प्रकरण प्राप्त हुए है,उनका भलीभांति परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
जिला समाज कल्याण सुबोध शर्मा ने बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्पीड़न के संबंध में प्राप्त आवेदनों एवं उपलब्ध कराई गई सहायता राशि के संबंध में समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया।
इस दौरान समिति के सदस्य गोपाल कुमार ,ऋषिपाल सिंह,अनूप कुमार,जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







