देहरादून में आयोजित आज तक द्वारा विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री सम्मिलित हुए

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देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित आज तक द्वारा विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना शामिल है। इस कानून के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास सरकार पर मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के जेंडर बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही, 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे राज्य में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भी अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बना है और यदि अन्य राज्य भी इसे अपनाते हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि “यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में प्रवाहित होनी चाहिए”, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिलेगा।

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कानून व्यवस्था और पारदर्शिता के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल प्रकरणों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, चर्चित अंकित भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और अन्य संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर कई योजनाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें पारदर्शी भर्ती प्रणाली, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां, पर्यटन को सशक्त बनाने के प्रयास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास, सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम शामिल हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

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