डा.स्वामी महा चैतन्य सरस्वती महाराज ने लगाया आश्रम को खुर्दुबुर्द करने और अवैध कब्जा करने का आरोप
सरकार और प्रशासन से की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
हरिद्वार। डा.स्वामी महा चैतन्य सरस्वती महाराज ने राष्ट्रभक्ति आश्रम को खुर्दबुर्द एवं अवैध रूप से कब्जाने का आरोप लगाया है। स्वामी महा चैतन्य सरस्वती महाराज ने प्रैस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि साध्वी रेणुका एवं निरंजन सुनियोजित तरीके से हरिपुर कलां स्थित राष्ट्रभक्ति आश्रम को अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। आश्रम का नाम बदलने की कोशिश भी इनके द्वारा की गई है। आश्रम की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इनके द्वारा डराया धमकाया जा रहा है। डा.स्वामी महा चौतन्य सरस्वती महाराज ने आरोप लगाते हुए कहा कि निरंजन लगातार मेरे साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है और धमकी देकर डराता है। आश्रम की गतिविधियों में सहयोग करने वाले भक्तों के साथ भी मार पिटाई की गई। महा चैतन्य सरस्वती महाराज ने कहा कि आश्रम सनातन संस्कृति का केंद्र बिंदु हैं। आश्रमों में हवन, पूजन, अनुष्ठान जैसे धार्मिक कार्यो के माध्यम से श्रद्धालु भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। लेकिन कुछ लोग स्वार्थ के चलते गलत तरीके से आश्रम को कब्जाने की नीयत से गड़बडी़ कर रहे हैं। जिससे धार्मिक क्रियाकलाप भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन से भी निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच कर आश्रम की सील खोलने की अपील की। समर्थन में पहुंची साध्वी प्राची ने कहा कि आश्रम की संपत्ति को खुर्दबुर्द नहीं होने दिया जाएगा। महिला साध्वी को इस तरह के कार्य नहीं करने चाहिए। साधु और साध्वी की कोई जाति नहीं होती है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में हस्तक्षेप कर स्वामी महा चैतन्य सरस्वती महाराज को न्याय दिलाना चाहिए।
