गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने लगातार पन्द्रह बार उत्तीर्ण की यूजीसी नेट की परीक्षा

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गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने लगातार पन्द्रह बार उत्तीर्ण की यूजीसी नेट की परीक्षा

• 98.58 PERCENTILE से उत्तीर्ण की इस बार की यूजीसी नेट परीक्षा

• पतंजलि विश्वविद्यालय से प्राप्त कर चुके हैं पीएच.डी. की उपाधि

• पांच बार प्राप्त कर चुके हैं JRF की CUTOFF से अधिक अंक

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• योग विषय में दो बार प्राप्त कर चुके हैं गोल्ड मेडल

• मनोविज्ञान विषय में रह चुके हैं यूनिवर्सिटी टॉपर

ऋषिकेश। इस बार दिनांक 04.02.2026 को घोषित हुए प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की परीक्षा के परिणामों में उत्तराखंड राज्य के क‌ई युवाओं ने सफलता हासिल की है। इन युवाओं की सूची में शामिल जहां क‌ई युवाओं ने पहली बार यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वहीं उत्तराखंड राज्य के एक शख्स ऐसे भी हैं जिन्होंने लगातार पन्द्रह बार (15) योग विषय में यूजीसी नेट की परीक्षा में सफलता अर्जित कर कीर्तिमान स्थापित किया है।

तीर्थनगरी मुनि-की-रेती, ऋषिकेश निवासी योगाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत की, जिन्होंने योग विषय में लगातार पन्द्रह बार (15) यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने इस बार प्रतिष्ठित यूजीसी नेट की योग विषय की परीक्षा में 98.58 PERCENTILE अंक प्राप्त किये हैं। बताते चलें कि गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने अब तक पन्द्रह बार में से पांच बार JRF की CUTOFF से अधिक अंक प्राप्त किये हैं।

खास बातचीत में इस अभूतपूर्व उपलब्धि को हासिल करने वाले गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले के बछेलीखाल, देवप्रयाग के रहने वाले हैं एवं वर्तमान में तीर्थनगरी मुनि-की-रेती, ऋषिकेश में रहते हैं। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत वर्तमान में यूजीसी नेट-जेआरएफ के अभ्यर्थियों को नेट-जेआरएफ की तैयारी करवाते हैं।

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गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विज्ञान विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने शोध निर्देशक प्रोफेसर पारन गौड़ा के निर्देशन में ENHANCING THE QUALITY OF LIFE OF AGEING ELDERS THROUGH YOGA PRACTICES विषय पर शोध कार्य पूरा किया है। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने राजकीय पॉलिटेक्निक नरेन्द्रनगर से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में तीन वर्ष का डिप्लोमा किया है तथा देहरादून के एक निजी संस्थान से कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग इंजीनियरिंग में भी एक वर्ष का डिप्लोमा किया है। गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी से मनोविज्ञान विषय में एम‌.ए. की डिग्री सर्वोच्च अंको में उत्तीर्ण की है। जिस कारण वह विश्वविद्यालय में एम‌.ए. मनोविज्ञान विषय में यूनिवर्सिटी टॉपर रहे हैं। इसके अलावा गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विषय में भी एम‌.ए. की डिग्री हासिल की है। इस दौरान भी उन्होंने विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं। जिसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पी.जी.डी. योग) की परीक्षा में भी सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत को विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

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