हरिद्वार 11 जनवरी 2026। ‘‘आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में इंडियन रेडक्रास स्वंयसेवक बनेंगे सक्रिय सहभागी‘‘
उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में सम्पूर्ण उत्तराखण्ड में आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में इंडियन रेडक्रास स्वंयसेवक सक्रिय सहभागिता का निर्वहन करेंगे। इंडियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन डॉ. नरेश चौधरी के नेतृत्व यूथ रेडक्रास एवं जूनियर रेडक्रास स्वंयसेवकों ने भी गत दिवस राज्य स्तरीय कार्यशाला में शीत लहर प्रबंधन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन डॉ. नरेश चौधरी ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड में सभी दैवीय एवं मानव जनित आपदाओं हेतु फस्ट मेडिकल रेसपोन्डर (F.M.R.)तैयार किये जा रहे हैं। जोकि अपने-अपने क्षेत्रों में आपदाओं के प्रति जन समाज को जन जागरण अभियानों के तहत आपदा न्यूनीकरण के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्राथमिक उपचार के प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदाओं से पहले की तैयारी, आपदा आने पर एवं आपदाओं के बाद जन सहभागिता हेतु सभी सामाजिक संस्थाओं के स्वंयसेवियों को भी इंडियन रेडक्रास स्वंयसेवक प्रशिक्षण देंगे। डॉ. नरेश चौधरी ने यह भी अवगत कराया कि 2027 में होने वाले हरिद्वार के कुंभ में भी पूर्व की भांति इंडियन रेडक्रास सभी स्वंयसेवी संस्थाओं की मदर एन.जी.ओ.की सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। 
कुंभ मेला की सम्पूर्ण अवधि में उत्तराखण्ड के रेडक्रास स्वंयसेवकों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के रेडक्रास स्वंयसेवकों को भी आमंत्रित कर उनका भी सहयोग लिया जायेगा। जिससे अन्य प्रदेशों की क्षेत्रीय भाषाओं को जानने वाले रेडक्रास स्वंयसेवक “May We Help You” केन्द्रों पर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे और सभी श्रद्धालुओं/यात्रियों की हर संभव मदद करेंगे। डॉ. नरेश चौधरी ने यह भी अवगत कराया कि कुंभ मेले से पहले सभी स्वंयसेवकों हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जायेंगी जिसमें विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। आपदा सचिव विनोद सुमन ने डॉ. नरेश चौधरी को विशेष रुप से धन्यवाद देते हुए कहा कि आपदा मित्रों, आपदा सखियों को भी इंडियन रेडक्रास द्वारा प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण तो दिया जा ही रहा है। जन जागरण अभियानों में भी रेडक्रास की आपदा विभाग को सक्रिय सहभागिता मिलेगी, जिसमें हम बहुत शीघ्र ही आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड का निर्माण कर सकेंगे।
