टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश

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टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के दिए निर्देश

सीएमओ ली जिला क्षय इकाई व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की बैठक

टीबी मुक्त भारत अभियान की क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की

चिकित्सालयों में टीबी उच्च जोखिम वाले समूह की अनिवार्य एक्स-रे स्क्रीनिंग के दिए निर्देश

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जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गुरूवार को जिला क्षय इकाई के साथ वर्चुअल माध्यम से प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर जनपद में टीबी मुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पारुल गोयल ने टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के लिए टीबी रोगी के गृह सपंर्क को शत प्रतिशत टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रिटमेंट) पर लाने व समस्त टीबी रोगियों की समयबद्ध सहरूग्णता आंकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीबी प्रिवेंटिव ट्रिटमेंट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क में 1093 लोग चिन्हित हैं, जिसमें से 620 को टीपीटी उपचार पर लाया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने टीपीटी के तहत शत प्रतिशत टीबी रोगियों के संपर्कों का सत्यापन व उनकी समयबद्ध स्क्रीनिंग कर उन्हें टीपीटी उपचार पर लाना सुनिश्चित करने, समस्त टीबी रोगियों की सहरूग्णता का आंकलन करने, उनकी चिकित्सकीय आवश्यकताओं के अनुरूप संबंधित सहरूग्णता का उचित प्रबंधन एवं फॉलोअप करने के साथ-साथ समस्त सूचनाओं को निक्षय पोर्टल पर अपडेशन सुनिश्चित करने को निर्देशित किया।

जिला क्षय अधिकारी डाॅ. कुणाल चौधरी ने बताया कि टीबी रोग के खात्में को लेकर अभियान के तहत टीबी रोग को लेकर उच्च जोखिम वाले गांवों को एक्सरे-स्क्रीनिंग के लिए 156 निर्धारित है, सभी 156 गांवों में कैंप लगाकर 22613 लोगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई। साथ ही 22 गांवों में दूसरे दौर के एक्सरे स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पारूल गोयल द्वारा एक्स-रे स्क्रीनिंग की संख्या बढाने के लिए जिला चिकित्सालय, कोटेश्वर चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि व जखोली ओपीडी में आने वाले समस्त उच्च जोखिम वाले अधिक से अधिक लोगों की अनिवार्य रूप से एक्स-रे स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए। टीबी रोगियों को नि-क्षय पोषण योजना के अंतर्गत डीबीटी के जरिए एक हजार रूपए प्रतिमाह दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए टीबी रोगियों का शत प्रतिशत फेस ऑथंटिकेशन करवाने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक डाॅ. कुणाल चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अगस्त्यमुनि अक्षिता ममगाईं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ऊखीमठ गोपाल सजवाण, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जखोली खुशपाल, चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लीनिक डाॅ. अंकित बगवाड़ी , जिला समन्वयक एनटीईपी मुकेश बगवाड़ी, जिला समन्वयक आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, डीईओ सतीश चंद्र नौटियाल, एसटीएस प्रदीप रावत, डीपीएस सुनील राणा, हरीश चौधरी आदि मौजूद रहे।

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