सहकारिता मंत्रालय के गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहकारिता सप्ताह के दूसरे दिन हरिद्वार में सहकारिता चौपाल का आयोजन

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सहकारिता मंत्रालय के गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहकारिता सप्ताह के दूसरे दिन हरिद्वार में सहकारिता चौपाल का आयोजन

विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जानकारी देकर सहकारी समितियों को स्वरोजगार एवं व्यवसाय विस्तार के लिए किया प्रेरित

हरिद्वार , सहायक निबंधक सहकारिता श्रीमती मोनिका चुनेरा ने अवगत कराया है कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशन में आयोजित सहकारिता सप्ताह के दूसरे दिन जनपद हरिद्वार में सहकारी समितियों एवं मुख्यालय स्तर पर सहकारिता चौपाल का आयोजन किया गया।
विकास भवन सभागार, रोशनाबाद में आयोजित सहकारिता चौपाल में सहकारिता विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, दुग्ध विकास विभाग, उद्यान विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सहकारिता संबंधी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में हरिद्वार जनपद ने प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 56 करोड़ रुपये की उर्वरक बिक्री कर किसानों को लाभान्वित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में 8 एम-पैक्स (MPACS) के माध्यम से 8 अन्न भंडारण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को अनाज एवं मसालों के सुरक्षित भंडारण की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। सहकारिता सप्ताह के दौरान सभी एम-पैक्स को सीएससी (CSC) केंद्रों के व्यवसाय का विस्तार करने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिला सहकारी बैंक (DCB) के महाप्रबंधक सौ सिंह ने बैंक की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) डॉ. एस.सी. जोशी ने पशु औषधि केंद्रों के लाभ बताते हुए सहकारी समितियों से प्रत्येक विकासखंड में पशु औषधि केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया।
सहायक निदेशक मत्स्य श्रीमती गरिमा मिश्रा ने सहकारी समितियों से ऑर्नामेंटल फिश (सजावटी मछली) के बिक्री केंद्र संचालित करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
दुग्ध विकास विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी समितियां इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकती हैं।
इस अवसर पर सहायक निदेशक मत्स्य श्रीमती गरिमा मिश्रा, दुग्ध एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, इफको के फील्ड अधिकारी, यूसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक, सहकारी समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बोर्ड सदस्य तथा सहायक निबंधक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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