जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: अगस्त्यमुनि में आयोजित जनकल्याण शिविर में 89 शिकायतें दर्ज, 77 शिकायतो का मौके पर ही हुआ निस्तारण

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जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: अगस्त्यमुनि में आयोजित जनकल्याण शिविर में 89 शिकायतें दर्ज, 77 शिकायतो का मौके पर ही हुआ निस्तारण

प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड सभागार अगस्त्यमुनि में “जन-जन के द्वार, जन-जन की सरकार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की।
कार्यक्रम में जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याए उनके समुख रखीं। शिविर में कुल 89 शिकायतें एवं जनसमस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 70 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, समाज कल्याण तथा अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान सिमतोली नेहा प्रभाकर ने क्षेत्र में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था की कमी और जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोलर लाइटें लगाए जाने की मांग उठाई। ग्राम प्रधान बिजराकोट नीतू देवी ने चोपड़ा-उडामांडा मोटर मार्ग पर सुरक्षात्मक कार्य कराने की आवश्यकता बताई। वहीं शकूर अहमद ने ग्राम सभा डांगी एवं पठालीधार में निवासरत मुस्लिम समुदाय के लोगों के पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र न बनने की समस्या से अवगत कराया। ग्राम प्रधान बावई शालिनी देवी ने राइंका सिद्धपीठ तक मोटर मार्ग निर्माण तथा ग्राम प्रधान डुंगर भटवाड़ी प्रेमनाथ सिंह ने दैवीय आपदा से प्रभावित पेयजल योजनाओं और पैदल मार्गों के पुनर्निर्माण की मांग रखी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “जन-जन के द्वार, जन-जन की सरकार” कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान उनके क्षेत्र में ही सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, खंड विकास अधिकारी सुरेश साह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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