जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, 36 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर हुआ समाधान
सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के अंतर्गत विकासखंड ऊखीमठ की ग्राम पंचायत कविल्ठा में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल तथा सीमांत अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री श्री चंडी प्रसाद भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शिविर का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों द्वारा कुल 36 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज कराई गईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से समाधान करने के निर्देश दिए गए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा सूचना एवं सेवा स्टॉल लगाए गए, जहां केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। अधिकारियों ने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही कई योजनाओं के लिए मौके पर ही आवेदन एवं पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव तक शासन की सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत हो रहा है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।

सीमांत अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अपने आसपास के पात्र लोगों को भी इन योजनाओं की जानकारी देने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करें तथा जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव नहीं है, उन्हें निर्धारित समयावधि में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान, पशुपालन, समाज कल्याण, बाल विकास, ग्राम्य विकास, , आजीविका, बैंकिंग एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। ग्रामीणों ने विभागीय स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कालीमठ वार्ड सरोज राणा, जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण वार्ड अमित मेखंडी, ग्राम प्रधान कविल्ठा कुलदीप सिंह रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत, ग्राम प्रधान कुणजैठी अनिल शाह, तहसीलदार ऊखीमठ निशांत कांबोज, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, जिला उद्यान अधिकारी आर.पी. जसोला, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रघुवीर सिंह पाल, जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चमोली, कार्यक्रम के संचालक किशन सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
