मानसून अवधि को लेकर राज्य स्तर पर आपदा तैयारियों की समीक्षा

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टिहरी गढ़वाल। मानसून अवधि को लेकर राज्य स्तर पर आपदा तैयारियों की समीक्षा

संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व तैयारी एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

मानसून अवधि में संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से बचाव हेतु विभागीय तैयारी एवं प्रबंधन को लेकर माननीय मंत्री, श्री मदन कौशिक (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास) की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में पूर्व से ही आपदा प्रबंधन को लेकर बेहतर तैयारियां की जाती रही हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को मानसून से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी लगातार इस संबंध में बैठकें आयोजित की जा रही हैं तथा राज्य सरकार का उद्देश्य सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से आपदा जोखिम को न्यूनतम करना है।

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राज्य मंत्री (उपाध्यक्ष–आपदा प्रबंधन) अभिषेक रोहिल्ला ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में मलबा निस्तारण, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं तथा अधिकारी मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।

जनपद टिहरी गढ़वाल से प्रभारी जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया गया।

बैठक में संभावित अतिवृष्टि, बाढ़, भूस्खलन एवं शहरी जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को अपनी-अपनी तैयारिया करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 15 प्रकार की संभावित आपदाओं के कारणों की जानकारी दी गई। शहरी जलभराव के प्रमुख कारणों जैसे सीवरेज सिस्टम, जल निकासी आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कारणों की पहचान करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्य सामग्री, गैस, पेट्रोल एवं डीजल का भंडारण सुनिश्चित करने, मानव एवं पशुओं हेतु आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था तथा जेसीबी संचालन हेतु समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। डेंगू एवं मलेरिया से बचाव हेतु फॉगिंग अभियान संचालित करने को भी कहा गया।

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आपदा की स्थिति में खाद्य सामग्री वितरण, सुरक्षित स्थानों पर आपदा शेल्टर चिन्हित करने, जहां पेयजल, विद्युत, शौचालय, बिस्तर, फर्स्ट एड, व्हील चेयर एवं किचेन आदि की व्यवस्था उपलब्ध हो, सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को अपने उपकरणों एवं संसाधनों की समीक्षा, क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत, आवश्यक उपकरणों की खरीद तथा आईडीआरएन पोर्टल पर विवरण अंकित करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त संवेदनशील एवं खतरे वाले स्थानों का चिन्हीकरण करने, नो-सेल्फी जोन निर्धारित करने तथा लोगों को जागरूक करने हेतु एडवाइजरी जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसडीएम टिहरी कमलेश, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, सीएमओ डॉ श्याम विजय सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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