*केयर कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित की गई गोष्ठी*
*एनजीटी के जज डॉ. अफरोज अहमद, पद्मश्री सेठपाल और रिवर मैन रमनकांत ने की शिरकत*
*हरिद्वार। केयर कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, बहादराबाद में जलवायु परिवर्तन पर गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें एनजीटी के न्यायाधीश डॉक्टर अफरोज अहमद, रिवर मैन के नाम से प्रसिद्ध रमनकांत, और पद्मश्री सेठपाल जी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की।
गोष्ठी की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिससे वातावरण में सकारात्मकता आई। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज के डायरेक्टर राजकुमार शर्मा ने किया, जिन्होंने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का अभिनंदन किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अफरोज अहमद ने कहा, “पर्यावरण हमारे अस्तित्व की बुनियाद है। जल, जंगल और जमींन का संरक्षण न केवल हमारी ज़िम्मेदारी है, बल्कि हमारे भविष्य की गारंटी भी है। जलवायु परिवर्तन तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि हमने प्रकृति को संरक्षण की बजाय क्षति पहुंचाई है। हमें आज ही से अपनी आदतें बदलनी होंगी ताकि आने वाली पीढ़ियां भी स्वस्थ पर्यावरण पा सकें।” उनका यह संदेश सभी के लिए एक गंभीर चिंता और जागरूकता का उपदेश था। उन्होंने यह भी जोर दिया कि छोटे-छोटे कदम जैसे वृक्षारोपण, पानी की बचत और प्रदूषण कम करना बड़ा अंतर ला सकते हैं।
रिवर मैन रमनकांत ने नदियों के महत्व पर बल देते हुए कहा, “नदियाँ जीवनदायिनी हैं, उन्हें संरक्षित करना हमारे स्वाभाविक कर्तव्य में से एक है। स्वच्छ नदी ही साफ़ पर्यावरण प्रदान कर सकती है। हमें हरियाली और जल संरक्षण के लिए मिलकर काम करना होगा ताकि हमारी नदियाँ आने वाले समय में भी बहती रहें।” उनके एनर्जी भरे शब्दों से सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझी।
गोष्ठी के दौरान डॉ. अफरोज अहमद और रमनकांत ने कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण भी किया, जो पर्यावरण संरक्षण के उनके संदेश को व्यवहार में बदलने का प्रभावशाली उदाहरण था। यह पहल सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी कि पर्यावरण संरक्षण के लिए शब्दों के साथ कर्म भी आवश्यक हैं। वहीं गोष्ठी के दौरान डॉ अफरोज की पत्नी सादिया लोधी ने गजल गाकर सबका मन मोह लिया ।
केयर कॉलेज के डायरेक्टर राजकुमार शर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित जनों का हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम हमें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद दिलाने वाला महत्वपूर्ण अवसर था।
डॉ. अफरोज अहमद और रमनकांत जैसे पर्यावरण योद्धाओं का यहां आना और अपने अनुभव साझा करना हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है। सभी का आभार कि उन्होंने हमारे साथ इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विचार विमर्श करके कार्यक्रम को सफल बनाया।” उनके ये शब्द आयोजन की सार्थकता को दर्शाते हैं।
गोष्ठी में पर्यावरण पर काम कर रहे श्रीमती नीरू जैन, डॉ. करुणा शर्मा, अर्चना जैन, डॉ. रतन लाल कौशिक, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, आशीष, रविंद्र मिश्र, को सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में तमाम गणमान्य व्यक्तियों के साथ साथ ही पद्मश्री सेठपाल, एडिशनल डायरेक्टर प्रीति शिखा शर्मा और शुभांगिनी शर्मा सहित कॉलेज के तमाम फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।