देहरादून: विकास खंड कालसी के ग्राम माख्टी में कैट प्लान योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान सुनील सिंह चौहान ने उपस्थित ग्रामीणों और कृषकों को संबोधित किया। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन को अपनी आय का मुख्य साधन बनाने की अपील की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा हो सकें और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, आईसीएआर-आईआईएचआर (ICAR-IIHR) कौलागढ़ देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुपम बड़ ने किसानों को मशरूम उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कम लागत और सीमित स्थान में मशरूम उत्पादन किसानों की आय में वृद्धि करने का एक बेहद कारगर विकल्प है। इसके साथ ही अमर शहीद केसरी चंद राजकीय उद्यान नगऊ के प्रभारी एम. एच. खान ने किसानों को मृदा परीक्षण का महत्व समझाते हुए मिट्टी की सेहत सुधारने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। राजकीय उद्यान नगऊ (चकराता) की सहायक विकास अधिकारी श्रीमती सीमा ने नाबार्ड योजना के तहत संचालित पॉलीहाउस योजना के लाभ बताए, वहीं रिवर रेंज नागथात की वन दरोगा पूजा ने वन विभाग से जुड़ी जनोपयोगी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान धजवीर, अजवीर, सुभाष दास, अरविंद सिंह राणा, हिमांशु राणा, अमित चौहान, रघुवीर सिंह, नरेंद्र सिंह और रघु सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।
