जनगणना 2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) को लेकर हरिद्वार में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन,चार्ज अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को दिए गए विस्तृत दिशा-निर्देश

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जनगणना 2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) को लेकर हरिद्वार में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन,चार्ज अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को दिए गए विस्तृत दिशा-निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा— जनगणना देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है, सभी अधिकारी संवेदनशीलता, गंभीरता और शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ निभाएं अपनी जिम्मेदार

हरिद्वार। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के सफल, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विकास भवन, हरिद्वार स्थित ऑडिटोरियम में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने वी सी के माध्यम से उपस्थित चार्ज अधिकारियों एवं अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों से कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय कार्य है,जो कि अति महत्वपूर्ण कार्य है,उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में घरो के जनगणना का कार्य सभी अधिकारियों द्वारा बेहतर ढंग से किया गया है,इसी प्रकार दृष्टियां चरण का जनगणना कार्य पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करे।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों से निर्देशित किया कि प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ ग्रहण करें तथा जनगणना कार्य को शत-प्रतिशत शुद्धता, पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा में सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं जनगणना निदेशालय उत्तराखण्ड, देहरादून से आए उप निर्देशक परवीन कुमार ने सभी चार्ज अधिकारियों, अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों एवं तकनीकी सहायकों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को जनगणना के द्वितीय चरण की कार्यप्रणाली, डिजिटल एप्लीकेशन के उपयोग, स्वगणना (Self Enumeration), डेटा संग्रहण, सत्यापन, तकनीकी प्रबंधन तथा फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही जनगणना कार्य के दौरान समन्वय, अनुश्रवण एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की प्रस्तावित समय-सारणी भी साझा की गई। इसके अनुसार स्वगणना की अवधि 16 नवम्बर 2026 से 30 नवम्बर 2026 तक रहेगी, जबकि जनसंख्या गणना का कार्य 1 दिसम्बर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को दोनों चरणों की तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला जनगणना अधिकारी वैभव गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र सेठ,उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा,उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी,तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा,जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान,तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी, तहसीलदार शिवांगनी,अपर सांख्यिकी अधिकारी उत्तम सिंह,सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 अमीर आलम एवं शिवम कुमार सहित जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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