देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परिसर संस्थानों में निदेशक पदों की भर्ती को लेकर जारी वर्ष 2026 के विज्ञापन ने भर्ती प्रक्रिया के नियमों और पात्रता के स्वरूप पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जारी विज्ञापन में निदेशक पदों को ‘On Deputation Basis’ पर भरे जाने की व्यवस्था की गई है। इसके आधार पर 25 सितंबर 2026 को साक्षात्कार प्रस्तावित हैं।मामले में मुख्य सवाल यह है कि निदेशक पद की भर्ती को केवल Deputation के आधार पर करने का प्रावधान विश्वविद्यालय के किस लागू नियम, Regulation अथवा सक्षम स्वीकृति के तहत किया गया है। VMSB उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2005 में विश्वविद्यालय के अधिकारियों की नियुक्ति का तरीका अधिनियम एवं Regulations के अनुरूप निर्धारित किए जाने की व्यवस्था है। अधिनियम की धारा 30 और 31 में Regulations बनाने तथा विश्वविद्यालय के अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित विषयों को Regulations के माध्यम से निर्धारित करने का प्रावधान है।
हो सकती है विश्वविद्यालय के अधिकारियों की नियुक्ति
उपलब्ध विश्वविद्यालयीय भर्ती दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2024 के निदेशक भर्ती विज्ञापन में नियुक्ति को Contractual in nature बताया गया था। इसमें सीधे भर्ती का प्रावधान था। इसमें तीन वर्ष का कार्यकाल, AICTE के 1 मार्च 2019 के Regulations के अनुसार योग्यता तथा अधिकतम 57 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई थी। वर्ष 2023 और 2024 की भर्ती प्रक्रिया में AICTE निर्धारित योग्यता एवं अनुभव को आधार बनाया गया था। इसमें भी deputation only नही था जबकि कोई भी अभ्यर्थी (निजी या राजकीय संस्थान से संबंधित) आवेदन कर सकता था।वहीं वर्ष 2026 के विज्ञापन में भर्ती को ‘On Deputation Basis’ तक सीमित करते हुए केन्द्र या राज्य सरकार, PSU, सरकारी विश्वविद्यालय/संस्थान अथवा मान्यता प्राप्त शोध संस्थान में कार्यरत प्रोफेसरों के लिए अतिरिक्त शर्तें निर्धारित की गई हैं।यही बदलाव अब चर्चा का विषय है। उपलब्ध VMSB-UTU Act और विश्वविद्यालय की प्रकाशित Regulations/Rules सामग्री में निदेशक पद को अनिवार्य रूप से केवल Deputation के माध्यम से भरने का स्पष्ट प्रावधान सामने नहीं आता। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या वर्ष 2026 में Deputation-only व्यवस्था लागू करने के लिए कोई नया Regulation, संशोधित Recruitment Rule, शासनादेश अथवा सक्षम निकाय की पूर्व स्वीकृति जारी की गई है। अधिनियम के अनुसार Regulations के माध्यम से विश्वविद्यालय के अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित व्यवस्था की जा सकती है।
भर्ती में पारदर्शिता और समान अवसर
विज्ञापन में नियुक्ति के स्वरूप को लेकर भी सवाल है। एक ओर इसे ‘On Deputation Basis’ बताया गया है, जबकि दूसरी ओर नियुक्ति को ‘Contractual in nature’ कहा गया है। ऐसे में Deputation और Contractual नियुक्ति के बीच लागू वैधानिक व्यवस्था को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।इसके अलावा अधिकतम आयु सीमा भी वर्ष 2024 के 57 वर्ष से घटाकर वर्ष 2026 के विज्ञापन में 55 वर्ष की गई है। इस बदलाव के आधार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।इस बीच, 25 सितंबर 2026 को प्रस्तावित साक्षात्कार को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। यदि भर्ती पद्धति में बदलाव के लिए आवश्यक वैधानिक प्रावधान अथवा सक्षम स्वीकृति उपलब्ध नहीं है, तो पहले संबंधित Act, Regulations, Recruitment Rules और स्वीकृति पत्रावली की जांच किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है। जांच पूरी होने तक प्रस्तावित साक्षात्कार एवं आगे की भर्ती प्रक्रिया को रोकने की मांग भी उठ रही है। साल 2023, 2024 और 2026 के विज्ञापनों तथा संबंधित नियमों और स्वीकृति पत्रावली का तुलनात्मक परीक्षण करने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मामला किसी व्यक्ति विशेष के बजाय निदेशक पद की भर्ती में वैधानिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और समान अवसर से जुड़ा हुआ है।
