गांधी जयंती एवं शास्त्री जी जयंती पर जनपद न्यायालय परिसर में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री **लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती* के पावन अवसर पर आज *जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग* द्वारा जनपद न्यायालय परिसर में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल* द्वारा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित न्यायिक अधिकारियों एवं समस्त न्यायिक परिवार ने दोनों महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण, सत्य, अहिंसा, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम में *सचिव/सिविल जज (सी०डी०), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह* द्वारा *मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।* उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और कर्तव्यनिष्ठा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न्यायिक एवं विधिक सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए इन महान व्यक्तित्वों का जीवन एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है और यह कार्य गांधी जी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के विचार तथा शास्त्री जी के कर्तव्य एवं राष्ट्रहित के आदर्शों से प्रेरणा लेकर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

इसके उपरांत *मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रप्रयाग श्री अमित कुमार* द्वारा अपने विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने गांधी जी के सत्य, अहिंसा एवं नैतिक मूल्यों तथा शास्त्री जी के अनुशासन, सादगी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों ने अपने आचरण के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में स्थायी परिवर्तन केवल कानूनों से नहीं, बल्कि मजबूत नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक आचरण से भी संभव है।

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कार्यक्रम के मुख्य संबोधन में *माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती नीना अग्रवाल* ने उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों को गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग एवं मानवता का संदेश देता है, जबकि लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने कार्य एवं आचरण में निष्पक्षता, संवेदनशीलता, सत्यनिष्ठा और सेवा की भावना को सर्वोच्च स्थान दे।

कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायालय की *महिला कर्मचारियों द्वारा देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत मधुर सांस्कृतिक एवं संगीतमय प्रस्तुति* भी दी गई। गीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम के वातावरण को भावपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने इस प्रस्तुति की सराहना की। संगीत के माध्यम से गांधी जी के सत्य-अहिंसा के संदेश तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को अभिव्यक्त किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और अधिक बढ़ गई।

कार्यक्रम में *मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रप्रयाग श्री अमित कुमार, सचिव/सिविल जज (सी०डी०), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह, सिविल जज (जू०डी०) श्री विकास कुमार तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रप्रयाग श्री सिद्धार्थ कुमार* सहित जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

इस पावन अवसर पर *पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली का संदेश देते हुए जनपद न्यायालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।* माननीय जनपद न्यायाधीश एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया तथा उनकी देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का समापन *राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, अहिंसा, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प* के साथ हुआ।

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