स्वामी दर्शनानन्द इंस्टिट्यूट (SDIMT) में मनाई गई विश्वकर्मा जयंती, विधि-विधान से हुई पूजा

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स्वामी दर्शनानन्द इंस्टिट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट एण्ड टैक्नोलॉजी (एस0डी0आई0एम0टी0) ने की विधि -विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा
हरिद्वार ।

स्वामी दर्शनानन्द इंस्टिट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट एण्ड टैक्नोलॉजी (एस.डी.आई.एम.टी.) में आज भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर संस्थान की निदेशक डॉ. जयलक्ष्मी, प्रधानाचार्य अशोक कुमार गौतम, पंकज चौधरी, अनुराग गुप्ता सहित समस्त शिक्षकगणों ने वास्तुशिल्प के आद्य रचनाकार भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया।

संस्थान की निदेशक डॉ. जयलक्ष्मी ने भगवान विश्वकर्मा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सृष्टि के प्रथम इंजीनियर और वास्तुकार हैं, जिन्हें ब्रह्मा जी ने धरातल पर उत्पन्न किया था। उन्होंने देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्रों, दिव्य भवनों तथा भव्य मंदिरों का निर्माण किया। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी तकनीकी कार्य की शुभता के लिए भगवान विश्वकर्मा का पूजन अनिवार्य माना जाता है, इसीलिए इस दिन कार्यशालाओं, उद्योगों और मशीनों की पूजा करने की परंपरा है।

कार्यक्रम में डीन एकेडमिक अंजुम सिद्दीकी, अनुराग गुप्ता, वर्षा रानी, देवेंद्र सिंह रावत, उमेश चंद्रा, अंकुर चौहान, मल्लिका पाहवा, दिलखुश, वैशाली चौहान, शुभम सिंह राठौर, धरणी धर वाग्ले, ज्योति सिंह, दीपांशी धीमान, ऐंवत कुमार, अमरेश और दृगपाल सहित संस्थान का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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