तीसरे दिन भी जारी रहा देहरादून महायोजना-2041 पर जनसंवाद, सेक्टर-03 के नागरिकों ने रखे सुझाव और आपत्तियां
देहरादून महायोजना-2041 को अधिक जनभागीदारी आधारित और व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को सेक्टर-03 के लिए दून यूनिवर्सिटी परिसर में जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों ने प्रतिभाग किया।
जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नागरिकों ने सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से महायोजना-20…
बाजपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण के तहत सेवा सप्ताह शिविर आयोजित कर जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
बाजपुर, 08 जुलाई 2026(सू0वि0)- पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सरकार के “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” कार्यक्रम के अंतर्गत बुद्धवार को श्री रामभवन धर्मशाला, बाजपुर में सेवा सप्ताह शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार ने कहा कि यह सेवा सप्ताह शिविर राज्य सरकार की उस सोच का सशक्त उदाहरण है, जिसके केंद्र में जनता तक योजनाओं की सीधी पहुंच, समस्याओं का त्वरित समाधान और सुशासन की भावना है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनसेवा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा …
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मसूरी के कियाना होमस्टे में महिला की रहस्यमय मृत्यु प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिला मजिस्ट्रेट मसूरी को जांच अधिकारी नामित, 17 जुलाई तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे साक्ष्य एवं पक्ष
देहरादून, दिनांक 08 जुलाई 2026।
संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी है राहुल आनंद ने अवगत कराया है कि मसूरी क्षेत्र अंतर्गत कियाना होमस्टे में 15 जून 2026 को श्रीमती फरपुड़ी राधा गायत्री की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मृत्यु के प्रकरण में जिला प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रकरण के संबंध में कोतवाली मसूरी में मुकदमा अपराध संख्या-19/26, धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का स्पष्ट कारण प्रकाश में नहीं आने के कारण प्रकरण…
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मानसून तैयारियों, सड़क व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं एवं सुरक्षा की डीएम ने की विस्तृत समीक्षा
मानसून को लेकर डीएम सख्त जलभराव, जर्जर भवन, गड्ढों, विद्युत सुरक्षा एवं डेंगू नियंत्रण पर दिए कड़े निर्देश
हाईरिस्क प्रेगनेंसी महिलाओं से डीएम दूरभाष पर पूछा हाल, सीएमओ को मॉनिटिरिंग करने के निर्देश
वर्षाकाल में जलभराव, आपदा एवं जनसुरक्षा को लेकर विभागों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
देहरादून, दिनांक 08 जुलाई 2026 (सूवि),
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आगामी मानसून के दृष्टिगत शहर क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं, सड़क सुरक्षा, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मानसून अवधि में सतर्कता बरतते हुए त्वरित …
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बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, जिला प्रशासन ने तेज की निगरानी
देहरादून में 40 बच्चे रेस्क्यू, दोषी नियोक्ताओं से वसूला जुर्माना
देहरादून, 08 जुलाई 2026 (सू.वि)
जनपद देहरादून में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक में पिछले एक साल की कार्रवाई की समीक्षा की गई, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में कुल 486 औचक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस सघन अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से 28 बाल श्रमिकों और 12 किशोर श्रमिकों सहित कुल 40 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया है।
सहायक श्रम आयुक्त शैलेस सती की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बताया गया कि मुक्त कराए गए सभी 40 बच्चों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन इन बच्चों के पुनर्वास और शिक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
दोषी नियोक्ताओं पर कसा शिकंजा, ₹20,000 की वसूली
मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कड़ा अनुपालन करते हुए टास्क फोर्स ने दोषी नियोक्ताओं के खिलाफ आर्थिक और कानूनी कार्रवाई भी की है। रेस्क्यू किए गए मामलों में से चिन्हित नियोक्ताओं से 20-20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति धनराशि वसूल की जा चुकी है। 12 मामलों में सुनवाई के दौरान आयु प्रमाण पत्र के आधार पर श्रमिक बाल श्रम की श्रेणी से बाहर पाए गए, जिसके चलते उन पर वसूली की कार्रवाई नहीं की गई। 05 मामलों में नए आदेश जारी किए गए हैं, जबकि 02 मामलों में जुर्माना वसूली के लिए जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजा गया है। शेष 08 मामलों में कानूनी कार्रवाई अभी गतिमान है।
सहायक श्रम आयुक्त शैलेष सती ने स्पष्ट किया कि ‘बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986’ के नए संशोधन के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी खतरनाक या गैर-खतरनाक काम पर रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने वाले दोषियों को 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम 20 हजार रुपये के जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त ने पुलिस, श्रम विभाग और अन्य सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का प्रचार प्रसार के साथ सघन जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग बाल श्रम के खिलाफ जागरूक हो सकें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, रीजनल लेबर कमिश्नर दिनेश कुमार, सीएचएल समन्वयक साक्षी भंडारी, आसरा ट्रस्ट से अक्षित नौटियाल और जिला टास्क फोर्स व बाल कल्याण समिति के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
जिला सूचना अधिकारी
देहरादून।
